Thursday, January 30, 2025

Happy Anniversary -11th

 *Happy eleventh Anniversary- Belated one*

On 6/07/23


The eleven years that we have shared,

The moments cherished with love and care.


Ups and downs, in this life’s joy ride,

You have supported me, always on my side.


You have been a blessing in disguise,

Your resilience have taken me by surprise.


With love and patience, you have made this house a home,

You care and respect, have become a perfect epitome.


Looking back, it seems we have come so far,

Memories created innumerable, hour by hour.


Love for you, in past six months have risen further,

Your patience on my delay has been a wonder.


Today, Ill start by saying, happy birthday to our child,

And remember those days when we used to make love wild.


Belated Happy birthday my laddu and barfi,

Belated Happy eleventh anniversary my comfy.

Saturday, June 5, 2021

Happy Anniversary Year 6

 I woke up midnight, You were not sleeping by side;

I got up and sat on bed, Putting the dirty clothes and books aside;


I switched  on bed light, Sending away the darkness  to hide; 

I looked around, No where  could  I find my beautiful bride;


On wall I saw that, And my gaze stared at it with pride;

I flicked the lights off, Under the blankets did I slide.


I tried, But sleep didn't  came;

I remembered, The times, we played  those game;


The dance, we did, That put us to fame;

The fun we had,  In choosing each other's  nicknames;


And the fights, For which, we put on each other the blame;

But tonight, It is not all the same;


For tonight, My arms cannot do you enframe;

I'm  not good, Of this "keeping-house-in-order" art;


You are being missed, Terribly from the start;

And the kid, Who has become handsome & smart;


And the morning kiss and cuddle, With which our day used to start;

It's  31 Jan, Double delight is today's  part;


Its your birthday, Happy birthday sweetheart;

But I'm lamenting, That on our wedding anniversary we are kept apart;


On our wedding anniversary, we are kept apart....kept apart......

HAPPY BIRTHDAY AND HAPPY  ANNIVERSARY Nuti Gupta

रेल की नारी

 पैंटोग्राफ उठाए चल पड़ी मेरी रेल,

सुंदर सोनी मेरी, ना कोई इसका दूजा मेल।


विशाल रूप इसका, है भारत का जीवनाधार,
सार्वजनिक प्रशंसा इसकी बन जाता मेरा अलंकार।


मैं हूं रेल की नारी, सदा दिया मैंने इसका साथ,
रेल तथा उसकी कर्मियों के कल्याण में बटाया पूरा हाथ।


अब आया समय मेरे जाने का, लो में चल पड़ी,
सफलता की श्रंखला में तुम जोड़ना नित्य एक नई कड़ी।


दिल की तुम जान हो, दिल की पहचान हो,
रेल का सम्मान हो, रेल का अभिमान हो।


बिन त्याग तुम्हारे चल नहीं सकती रेल,
साथ न दिया तुमने जो इसका, हो जाएंगे इसके सिग्नल फेल।


जा रही हूं मैं, फिर एक बार यह कहके,
मिट जाएगी यह विरासत, जो तेरे पैर लहके।

जो तेरे पैर लहके.....

भंडार की शान



जीवन के इस सफर में कुछ लोग होते है बहुत खास,
जब आता है समय उनसे बिछुड़ने का तब होता है इस बात का एहसास।

उनका व्यक्तित्व होता है विशाल,
उनके कार्य की हर बात बन जाती है मिसाल।

भंडार विभाग के एक ऐसे ही है अफसर है आप, श्री रामलाल,
आपने ३७ वर्ष के रेल जीवन में करे बहुत कमाल।

आपके अंदर जो समाया है कार्य के प्रति समर्पण,
वो है आपका सबसे बड़ा आकर्षण।

आप बिना थके हर समय करते रहते है काम,
मुश्किल छोटी हो या बड़ी, निरंतर संघर्ष करते रहते है सुबह – शाम।

इन वर्षों में आपने बहुत कुछ सिखाया,
अपने विशाल अनुभव से छोटी–छोटी चीजों को दिखाया,

कभी सामने कुर्सी पर बैठाकर समझाया,
और कभी मीटिंग में बहुत डाट भी लगाया।

मार्ग दिखाया, मुश्किलों से बचाया,
प्रोत्साहित करके सराहनीय कार्य भी करवाया।

आपकी निष्ठा से बढ़ता है हम सबका स्वाभिमान,
आप हो भंडार ही नही, पूरी रेल की शान।

Anniversary: Year 8

 

चमक सूर्य की अंधेरी भूमि पर आयी,

नज़ारा देख बच्ची सर उठा मुस्कुराई।

 

नम आंखे खुशी से जगमगाई,

गोल गोल घूम कर अपनी प्रसन्नता जताई।

 

इस खुशी के बीच उसने सोचा पुराना,

जीवन के लक्ष्य का उसे याद आया तराना।

 

अनेक प्रयासों के बाद भी सिर्फ असफलता ही मिली,

संघर्ष के बाद भी गर्व की कोई कली ना खिली।

 

समझ नहीं आया की गलती कहा हुई,

मन, तन, धन सब में हार हुई।

 

बहुत सोचने पर बात समझ आई,

प्रारम्भ से ही सड़क थी गलत अपनाई।

 

कभी अपने मौलिक सपने देख ना पाई,

दूसरो की तम्मनाओ में ढूंढती रही सुख की परछाई।

 

कभी पता न था खुशी का श्रोत,

फिर भी हर बंद दरवाज़ा देख लगती थी चोट।

 

मंज़िल नहीं थी कभी पूरी तरह अपनाई,

और भी बहुत कुछ, देता था सुनाई।

 

गिरती पतंग फिर से उड़ गई,

छूटती डोर फिर से थम गई।

 

बिखरे सपने फिर से बन गए,

खोए लक्ष्य फिर से मिल गए।

 

दुबारा देखूंगी स्वप्न, जो होंगे मेरे,

उसी से आएंगे जीवन में खुशी के सवेरे।

 

इस जीवन के हुए आठ वर्ष पूरे,

मुबारक हो सबको ये सात वर्ष।

Tuesday, February 23, 2016

Happy Anniversary

वोह हसीन पल, जो बीते नहीं आज तक;
अब भी खिलखिलाते हैं मुझमें, जो बीते नहीं आज तक;
ताज़ा हैं वोह अभी, रहता हूँ मै उनमें अभी;
वोह यादें नहीं बने अब तक, क्यूंकी जीता हूँ उनमें में अभी।

क्या दिन है, क्या है रात, वाह;
क्या शरारते है, क्या है मुस्कुराहट, वाह;
दोस्त का साथ है, प्रेमी का है हाथ;
स्वर्ग सा यह जीवन है, तुम्हारा जो है साथ।

दिन में जागते हुए भी होता है नींद का सुखद एहसास;
तुम्हारा स्पर्श लगता है जैसे है कोई अपसरा आसपास;
सौंदर्य में तुम्हारे हम दूब जाते है,
खोये हुए से हम, बस भवरों की तरह गुंगुनाते है।

इस सुखद जीवन में आया एक नया एहसास;
लेकर अपने संग आया है नयी उमंगे और उल्लास;
शब्दो में बयान करना है इसको मुश्किल बड़ा;
बस ऐसा समझ लो जब में था घोड़ी पर चढ़ा।

करता हूँ प्रक्रती से एक ही गुजारिश;
है ईश्वर से मेरी एक यही सिफारिश;
की वर्षो तक हम पकड़े रहे ऐसे ही तुम्हारी कलाई;
और सालो-साल देते रहे शादी की सालगिरह की बधाई।


Happy Anniversary.

Wednesday, July 29, 2015

Delegation of powers or shirking of reponsibilities

हमने तुम्हें राजा बनाया,
पर राज करना तुम्हें न सिखाया,
क्यूंकि तमन्ना थी सिर्फ खुद को बचाने की,
हर गलती पर तुम्हें सूली पर चढ़ने की,
ऐसा कर हम दुनिया के लिए राजा के महाराज बन जाते,
बिना कुछ करे सब विलास और सुख पाते,
राज त्यागने के लिए महान कहलाते,

और फिर निष्पक्ष होकर तुम्हें सजा देने के लिए महानतम हो जाते।