Saturday, June 5, 2021

Happy Anniversary Year 6

 I woke up midnight, You were not sleeping by side;

I got up and sat on bed, Putting the dirty clothes and books aside;


I switched  on bed light, Sending away the darkness  to hide; 

I looked around, No where  could  I find my beautiful bride;


On wall I saw that, And my gaze stared at it with pride;

I flicked the lights off, Under the blankets did I slide.


I tried, But sleep didn't  came;

I remembered, The times, we played  those game;


The dance, we did, That put us to fame;

The fun we had,  In choosing each other's  nicknames;


And the fights, For which, we put on each other the blame;

But tonight, It is not all the same;


For tonight, My arms cannot do you enframe;

I'm  not good, Of this "keeping-house-in-order" art;


You are being missed, Terribly from the start;

And the kid, Who has become handsome & smart;


And the morning kiss and cuddle, With which our day used to start;

It's  31 Jan, Double delight is today's  part;


Its your birthday, Happy birthday sweetheart;

But I'm lamenting, That on our wedding anniversary we are kept apart;


On our wedding anniversary, we are kept apart....kept apart......

HAPPY BIRTHDAY AND HAPPY  ANNIVERSARY Nuti Gupta

रेल की नारी

 पैंटोग्राफ उठाए चल पड़ी मेरी रेल,

सुंदर सोनी मेरी, ना कोई इसका दूजा मेल।


विशाल रूप इसका, है भारत का जीवनाधार,
सार्वजनिक प्रशंसा इसकी बन जाता मेरा अलंकार।


मैं हूं रेल की नारी, सदा दिया मैंने इसका साथ,
रेल तथा उसकी कर्मियों के कल्याण में बटाया पूरा हाथ।


अब आया समय मेरे जाने का, लो में चल पड़ी,
सफलता की श्रंखला में तुम जोड़ना नित्य एक नई कड़ी।


दिल की तुम जान हो, दिल की पहचान हो,
रेल का सम्मान हो, रेल का अभिमान हो।


बिन त्याग तुम्हारे चल नहीं सकती रेल,
साथ न दिया तुमने जो इसका, हो जाएंगे इसके सिग्नल फेल।


जा रही हूं मैं, फिर एक बार यह कहके,
मिट जाएगी यह विरासत, जो तेरे पैर लहके।

जो तेरे पैर लहके.....

भंडार की शान



जीवन के इस सफर में कुछ लोग होते है बहुत खास,
जब आता है समय उनसे बिछुड़ने का तब होता है इस बात का एहसास।

उनका व्यक्तित्व होता है विशाल,
उनके कार्य की हर बात बन जाती है मिसाल।

भंडार विभाग के एक ऐसे ही है अफसर है आप, श्री रामलाल,
आपने ३७ वर्ष के रेल जीवन में करे बहुत कमाल।

आपके अंदर जो समाया है कार्य के प्रति समर्पण,
वो है आपका सबसे बड़ा आकर्षण।

आप बिना थके हर समय करते रहते है काम,
मुश्किल छोटी हो या बड़ी, निरंतर संघर्ष करते रहते है सुबह – शाम।

इन वर्षों में आपने बहुत कुछ सिखाया,
अपने विशाल अनुभव से छोटी–छोटी चीजों को दिखाया,

कभी सामने कुर्सी पर बैठाकर समझाया,
और कभी मीटिंग में बहुत डाट भी लगाया।

मार्ग दिखाया, मुश्किलों से बचाया,
प्रोत्साहित करके सराहनीय कार्य भी करवाया।

आपकी निष्ठा से बढ़ता है हम सबका स्वाभिमान,
आप हो भंडार ही नही, पूरी रेल की शान।

Anniversary: Year 8

 

चमक सूर्य की अंधेरी भूमि पर आयी,

नज़ारा देख बच्ची सर उठा मुस्कुराई।

 

नम आंखे खुशी से जगमगाई,

गोल गोल घूम कर अपनी प्रसन्नता जताई।

 

इस खुशी के बीच उसने सोचा पुराना,

जीवन के लक्ष्य का उसे याद आया तराना।

 

अनेक प्रयासों के बाद भी सिर्फ असफलता ही मिली,

संघर्ष के बाद भी गर्व की कोई कली ना खिली।

 

समझ नहीं आया की गलती कहा हुई,

मन, तन, धन सब में हार हुई।

 

बहुत सोचने पर बात समझ आई,

प्रारम्भ से ही सड़क थी गलत अपनाई।

 

कभी अपने मौलिक सपने देख ना पाई,

दूसरो की तम्मनाओ में ढूंढती रही सुख की परछाई।

 

कभी पता न था खुशी का श्रोत,

फिर भी हर बंद दरवाज़ा देख लगती थी चोट।

 

मंज़िल नहीं थी कभी पूरी तरह अपनाई,

और भी बहुत कुछ, देता था सुनाई।

 

गिरती पतंग फिर से उड़ गई,

छूटती डोर फिर से थम गई।

 

बिखरे सपने फिर से बन गए,

खोए लक्ष्य फिर से मिल गए।

 

दुबारा देखूंगी स्वप्न, जो होंगे मेरे,

उसी से आएंगे जीवन में खुशी के सवेरे।

 

इस जीवन के हुए आठ वर्ष पूरे,

मुबारक हो सबको ये सात वर्ष।